पाली में ऐतिहासिक राजतिलक: तेजस्विनी कंवर जोधा बनीं खेरवागढ़ की उत्तराधिकारी, 65 साल बाद पुनर्जीवित हुई परंपरा

Tejasvini Kanwar Jodha Becomes Successor of Kherwagarh

Tejasvini Kanwar Jodha Becomes Successor of Kherwagarh

Tejaswini Kumari Jodha Rajtilak: राजस्थान के पाली जिले में स्थित ऐतिहासिक खेरवागढ़ बीते बुधवार को एक गौरवशाली और सदियों पुरानी परंपरा का साक्षी बना. जोधपुर-मारवाड़ के प्रमुख ठिकाने 'खेरवा' के ठाकुर हरिश्चंद्र सिंह जोधा के निधन के बाद, उनकी बारहवीं पर सदियों पुरानी राजपरंपरा का निर्वहन किया गया. रूढ़ियों को पीछे छोड़ते हुए, वैदिक रीति-रिवाजों के साथ ठाकुर साहब की बेटी राज बाईसा तेजस्वी कुमारी जोधा (तेजस्विनी कंवर) को पाग दस्तूर की रस्म निभाकर खेरवागढ़ का नया उत्तराधिकारी घोषित किया गया. करीब 65 साल बाद निभाई गई यह राजपरंपरा पूरे क्षेत्र में आकर्षण और चर्चा का केंद्र बनी रही.

तलवार के रक्त से हुआ राजतिलक

उत्तराधिकार की इस पारंपरिक रस्म के तहत  जोधपुर के पूर्व राजपरिवार की ओर से राज बाईसा तेजस्विनी कंवर जोधा के सिर पर पाग(पगड़ी) बांधी गई. इसके बाद राजघराने के राजपुरोहित शंकर सिंह ने  पारंपरिक विधि को  निभाते हुए तलवार से अपने अंगूठे पर चीरा लगाकर राज बाईसा का अपने रक्त से तिलक कर उन्हें खेरवागढ़ का उत्तराधिकारी घोषित किया. उत्तराधिकार की रस्म से पहले हरिद्वार से लाए गए गंगाजल से विशेष पूजन किया गया. इसके बाद वैदिक विद्वान पंडितों के जरिए  मंत्रोच्चार के बीच उनका पूजन और अभिषेक संपन्न हुआ.

 पूर्व ठिकानों के प्रतिनिधि रहे मौजूद

इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने के लिए खेरवा सहित आसपास के कई गांवों और विभिन्न क्षेत्रों से लोग बड़ी संख्या में खेरवागढ़ लोग पहुंचे थे. कार्यक्रम में मारवाड़ संस्कृति की झलक साफ दिखाई दे रही थी. इस मौके पर भाद्राजून, नीम्बलाड़ा, जोजावर, धामली और अन्य पूर्व ठिकानों के प्रतिनिधियों ने भी शिरकत की और राजपूती परंपरा के अनुसार अपनी उपस्थिति दर्ज कराई.

तेजस्वी कुमारी जोधा को उत्तराधिकारी घोषित किए जाने के बाद ग्रामीणों  समाज के प्रबुद्ध जनों और आए हुए अतिथियों ने उन्हें बधाई व शुभकामनाएं दीं. खेरवा, रामपुरा, बदरवास, चैनपुरा, हिंगोला और आसपास के गांवों से पहुंचे लोगों ने इस ऐतिहासिक परंपरा के पुनर्निर्वहन को राजस्थानी संस्कृति और विरासत से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर बताया.

जनप्रिय नेता थे ठाकुर हरिश्चंद्र सिंह

बता दें कि मारवाड़ के पूर्व ठिकाना खेरवागढ़ के हरिश्चंद्र सिंह जोधा का  71 वर्ष की आयु में 12 जून को जयपुर में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था. वे दो बार सरपंच और एक बार पंचायत समिति सदस्य के रूप में जनप्रतिनिधि रह चुके थे. उनके बारहवें के मौके पर आयोजित इस रस्म के दौरान  बड़ी संख्या में ग्रामीण, गणमान्य नागरिक और विभिन्न क्षेत्रों से आए अतिथि मौजूद रहे.